
मेरठ में कथा आयोजन को लेकर विवाद: टेंट व्यवसायी ने लगाया 42 लाख बकाया होने का आरोप, आयोजक ने आरोपों को नकारा
मेरठ, 17 सितंबर: मेरठ में हाल ही में आयोजित स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की कथा का आयोजन अब एक बड़े विवाद में उलझ गया है। कथा का आयोजन कराने वाले दिव्य शक्ति ट्रस्ट और टेंट व्यवसायी अनुज अग्रवाल के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। अनुज अग्रवाल ने ट्रस्ट पर 42 लाख रुपये का बकाया रखने का आरोप लगाया है, जबकि ट्रस्ट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों की अलग-अलग दलीलों ने इस मामले को और भी उलझा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मेरठ के सिविल लाइंस स्थित भामाशाह पार्क में 8 से 14 सितंबर तक स्वामी रामभद्राचार्य महाराज की कथा का आयोजन हुआ था। टेंट व्यवसायी अनुज अग्रवाल के अनुसार, इस आयोजन के लिए 87 लाख रुपये में टेंट और पंडाल का काम तय हुआ था। उन्होंने बताया कि काम शुरू होने से पहले आयोजकों ने 20 लाख रुपये का एडवांस दिया, और कथा के दौरान 25 लाख रुपये का और भुगतान किया गया। लेकिन, कथा समाप्त होने के बाद भी शेष 42 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया है।
अनुज अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि बकाया राशि मांगने पर उन्हें ट्रस्ट की ओर से धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि इस वजह से वे अपने वेंडरों को भी पैसे नहीं दे पा रहे हैं, जिसके चलते वेंडर उनका सामान वापस नहीं कर रहे हैं। अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वे पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे।
ट्रस्ट ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, दिव्य शक्ति ट्रस्ट की संस्थापिका महामंडलेश्वर लाडलीनंद सरस्वती ने टेंट व्यवसायी के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। उन्होंने अनुज अग्रवाल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि ठेकेदार ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। सरस्वती के मुताबिक, ठेकेदार ने पंडाल को तय आकार से छोटा बनाया और कथा के लिए आवश्यक उपकरण भी पूरी तरह से नहीं लगाए।
महामंडलेश्वर लाडलीनंद सरस्वती का दावा है कि ठेकेदार ने सिर्फ 35 लाख रुपये का काम किया था, जबकि ट्रस्ट ने उन्हें पहले ही 45 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है, जो कि तय राशि से अधिक है।
पुलिस तक पहुंचा मामला
इस विवाद के बाद अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। टेंट व्यवसायी अनुज अग्रवाल जहां कानूनी कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दिव्य शक्ति ट्रस्ट भी अपने पक्ष में मजबूती से खड़ा है। दोनों पक्षों की अलग-अलग दलीलों के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है। फिलहाल, दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं और यह मामला अब पुलिस और कानून की दहलीज तक पहुंचता दिख रहा है।











